गर्भावस्था में रखे इन बातों की सावधानिया

गर्भावस्था के इन नौ महीनों में कुछ ऐसे खतरे भी होते हैं जिनके बारे में गर्भवती महिला के लिए जानना बेहद जरूरी है, ताकि वह गर्भपात की संभावना को रोक सके। गर्भधारण से लेकर प्रसव तक उन्हें अपना ख्याल ठीक से रखना चाहिए, क्योकि गर्भाधान के बाद बच्चे का विकास शुरू हो जाता है।

थकान :

सो कर उठने के बाद कमजोरी और थकान महसूस करना Pregnancy problems में सबसे आम है ये समस्या पहले तीन महीने के दौरान ज्यादा महसूस होती है| हार्मोन में हो रहे परिवर्तनों के कारण ऐसा होता है| इस से घबराने की जरुरत नहीं है| गर्भावस्था के अनुरूप स्वस्थ आहार लेने और नियमित दिनचर्या का पालन करके आप इन समस्याओ को कम कर सकती है ।

कमर दर्द :

तीसरे महीने तक कमर दर्द बढ़ने लगता है, क्योंकि शरीर का तनाव और बच्चे का वजन बढ़ जाता है। कुछ को महिलाओं का कमर दर्द डिलीवरी के बाद खत्म हो जाता है, लेकिन बहुत सी महिलाएं जो इस पर ध्यान नहीं देतीं उनमें यह समस्या हमेशा के लिए उनके लिए बनी रहती है सभी महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान भारी वस्तुओं को नही उठना चाहिए । और न ही ज्यादा देर तक खड़े रहना चाहिए। कुछ देर उठें और टहलें। जब आप उठें तो अपने शरीर को स्ट्रेच करें।

शिशु की हलचल : 

सभी महिलाओं में लगभग 36 से 40 सप्ताह के गर्भ में बच्चे की गतिविधिया शुरू हो जाती है! वह पेट में घूमना और लातें चलाना शुरू कर देता है। हर गर्भवती स्त्री जानती है कि दिनभर में कब गतिविधियां तेज हो जाती हैं। अपने गर्भस्थ शिशु के मूवमेंट के तरीके को सभी महिलाओं को महसूस होने लगता है। अगर उसे महसूस हो कि उसका मूवमेंट काफी कम है या बिलकुल नहीं हो रहा है, तो यह समय निश्चित रूप से डॉक्टर को बुलाने का है। वे हॉस्पिटल जाने की सलाह दे सकते हैं, ताकि वह डॉक्टर की निगरानी में रहे और जरुरत पड़ने पर आवश्यक कदम उठाए जाएं।

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